इन्दिरा आईवीएफ ने आयोजित की पहली राष्ट्रीय 'रेप्रो क्विज़'

रिप्रोडक्टिव मेडिसिन क्विज़ का अंतिम राउंड उदयपुर में  सम्पन्न उदयपुर की पहचान अब  पर्यटन के साथ मेडिकल हब के रूप में भी हो चुकी : लक्ष्यराज सिंह मेवाड़

इन्दिरा आईवीएफ ने आयोजित की पहली राष्ट्रीय 'रेप्रो क्विज़'

उदयपुर। निःसंतानता उपचार के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी फर्टिलिटी चैन इन्दिरा आईवीएफ ने  उदयपुर में  पहली राष्ट्रीय रिप्रोडक्टिव मेडिसिन क्विज़ 'रेप्रो क्विज़' का आयोजन  इंटास फार्मा के सहयोग से किया। इस क्विज़ के तीन स्तरों में से अंतिम राउंड  ऑनसाइट क्विज़ के रूप में  आयोजित किया गया, क्विज के अंतिम राउण्ड के देश भर के 28 राज्यों के लगभग 110 मेडिकल कॉलेजों से चुने गए 20 फाइनलिस्ट ने भाग लिया जिसमें डॉ. माधुरी प्रथम, डॉ. शिराली रूनवाल द्वितीय तथा डॉ. देविका राज तृतीय स्थान पर रही | कार्यक्रम में उदयपुर राजघराने के लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा  कि मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि इंदिरा आईवीएफ हजारों परिवारों को संतान सुख प्रदान कर पुण्य का काम कर रहा है। किसी के घर में एक जीव का जन्म होना और शिशु की किलकारी का आंगन में गूंजना लोगों को सुकून देता है। नि:संतान दंपती के जीवन में नई खुशियां भर देता है। मैं मुर्डिया परिवार को बधाई देता हूं कि इसके लिए उन्होंने मेवाड़ की पावन धरा को चुना, जबकि इस परिवार के लिए किसी अन्य देश को चुनना भी कोई बड़ी बात नहीं थी। टूरिज्म कैपिटल के रूप में पहचान बनाने वाला उदयपुर अब मेडिकल हब के तौर पर भी देशभर में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। यह मेवाड़ के खुशी की बात है। लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि मैं नारी शक्ति को नमन करता हूं। अक्सर लोग महिला-पुरुष को समानता का दर्जा देते दिखाई देते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि जो नारी शक्ति पुरुषों से कोसों आगे है वह सामान कैसे हो सकती है? धर्म शास्त्रों में भी नारी को पूजनीय मानने की परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है। नारी शक्ति के सम्मान की परंपरा का वर्तमान परिपेक्ष्य में भी निर्वहन करने की आवश्कता है।


प्रतियोगिता के शुरुआती दो राउंड पिछले साल क्रमशः राज्य और ज़ोनल स्तर पर ऑनलाइन मोड में आयोजित किए गए थे। आईवीएफ क्षेत्र में इस तरह की प्रतियोगिता पहली बार आयोजित की गयी है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहा गया, देश भर से 550 से अधिक छात्रों ने इसमें भाग लिया था। अंतिम राउंड में राष्ट्रीय विजेता माधुरी को इन्दिरा फर्टिलिटी अकेडमी में चार महीने की फेलोशिप और 1,00,000  रुपये  का गिफ्ट  कूपन प्रदान किया गया तथा दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली शिराली रूनवाल और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली देविका राज  को फेलोशिप के साथ 75000 रुपये और 50000 रुपये के गिफ्ट कूपन  दिये  गये । इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के सभी प्रतिभागियों को इन्दिरा फर्टिलिटी अकेडमी में चार महीने की फेलोशिप प्रदान की गयी है। राज्य स्तर के सभी विजेताओं को भी उनके राज्य के इन्दिरा आईवीएफ अस्पताल में एक महीने के ऑब्ज़रवरशिप प्रोग्राम से पुरस्कृत किया गया है। इन्दिरा आईवीएफ के द्वारा अब हर साल से हर साल इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा ।  
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उदयपुर डॉ. दिनेश खराड़ी और आरएनटी मेडिकल कॉलेज , उदयपुर के प्राचार्य एवं नियंत्रक  डॉ. लाखन पोसवाल भी  विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस क्षेत्र में हो रही प्रगति पर सभी को जागरूक करने के लिए 'द फ्यूचर ऑफ असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजीज़ (एआरटी)'  पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई , जिसमें इन्दिरा आईवीएफ ग्रुप के सीईओ और सह - संस्थापक, डॉ. क्षितिज मुर्डिया, इन्दिरा आईवीएफ के निदेशक और सह -संस्थापक नितिज मुर्डिया, डेक्सियस यूनिवर्सिटी अस्पताल, बार्सिलोना (स्पेन) के डॉ. निकोलस पॉलीज़ोस, अहमदाबाद में वरिष्ठ आईवीएफ सलाहकार, डॉ.चैतन्य नागोरी,  और त्रिवेंद्रम मेडिकल कॉलेज में प्रजनन चिकित्सा के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी रमेश ने भाग लिया।
इन्दिरा आईवीएफ के निदेशक और सह-संस्थापक नितिज मुर्डिया ने एआरटी के भविष्य के बारे में जानकारी देते हुए कहा, पिछले कुछ सालों में एआरटी उपचार की मांग बहुत तेज़ी से बढ़ रही है।  निःसंतानता के चिकित्सकीय इलाजों के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, आज कई लोग विज्ञान पर आधारित समाधानों को अपना रहे हैं लोगों की सोच में यह परिवर्तन उत्साहवर्धक है। भारत दुनिया में हर साल किए जाने वाले एआरटी साइकल्स की तेज़ी से बढ़ती हुई संख्या वाले देशों में से एक है और जल्द ही यह संख्या दुनिया में सबसे ज़्यादा हो जाएगी। चूंकि एआरटी एक निरंतर विकसित होने वाला क्षेत्र है, इंदिरा आईवीएफ का हमेशा यह प्रयास  रहता है कि यहां उन्नत और किफायती तकनीकों  के माध्यम से निःसंतानता का उपचार दम्पतियों को उपलब्ध करवाया जाए। 
इन्दिरा फर्टिलिटी एकेडमी (आईएफए)  उदयपुर में स्थित एक प्रशिक्षण संस्थान है जिसका संचालन   इन्दिरा आईवीएफ द्वारा किया जा रहा है। यह भारत के साथ-साथ विदेशों के पेशेवर स्टूडेंट्स को सहायक प्रजनन तकनीकों के क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करता है। संस्थान में क्लिनिकल और एम्ब्रियोलॉजी  (भ्रूणविज्ञान) प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध है जो तीन और चार महीनों तक चलते हैं। 2014 से एआरटी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे आईएफए में पाठ्यक्रम पूरे साल भर चलाया जाता है जिससे पेशेवर स्टूडेंट्स को अकादमिक उत्कृष्टता, अत्याधुनिक तकनीक और अत्यधिक कुशल विशेषज्ञता में प्रशिक्षण और  मार्गदशन मिलता है।
इन्दिरा आईवीएफ के बारे में :
इन्दिरा आईवीएफ देशभर में 106 केंद्रों के साथ भारत की सबसे बड़ी इनफर्टिलिटी स्पेश्यालिटी क्लीनिक श्रृंखला है, जहां 2000 से अधिक कुशल लोग अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्दिरा आईवीएफ द्वारा एक वर्ष में लगभग 30000 से अधिक आईवीएफ प्रक्रियाएं की जाती हैं जो देश में सर्वाधिक हैं।
एक जिम्मेदार लीडर के रूप में इन्दिरा आईवीएफ द्वारा निःसंतानता के बारे में कलंक, निषेध, मिथकों और गलत सूचनाओं को दूर करने के लगातार प्रयास किये जाते हैं। इन्दिरा आईवीएफ फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए प्रतिभा को विकसित करने और निखारने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इन्दिरा फर्टिलिटी एकेडमी के माध्यम से इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाले संगठनों और संस्थानों साथ सहयोग करता है। इस सेक्टर में इन्दिरा आईवीएफ की क्षमता को देखते हुए अमेरिका की एक प्रमुख वैश्विक इक्विटी फर्म टीए एसोसिएट्स ने 2019 में संगठन में निवेश किया है। डॉ.अजय मुर्डिया ने 2011 में उदयपुर राजस्थान में इन्दिरा आईवीएफ की शुरूआत की थी।