उपभोक्ता की जागरूकता से मिला उपभोक्ता को अपना हक

विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च को पूरा विश्व हर साल मनाता है ,आइये आपको रूबरू करवाते हैं हमारे इन जागरूक उपभोक्ता मनोहर भड़ियासर से । भड़ियासर मूलतः पाली जिले के जैतारण तहसील के आनन्दपुर कालू ग्राम के निवासी हैं, इन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की

उपभोक्ता की जागरूकता से मिला उपभोक्ता को अपना हक

विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च को पूरा विश्व हर साल मनाता है, आइये आपको रूबरू करवाते हैं हमारे इन जागरूक उपभोक्ता मनोहर भड़ियासर से।
भड़ियासर मूलतः पाली जिले के जैतारण तहसील के आनन्दपुर कालू ग्राम के निवासी हैं, इन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की इनकी ये निजी समझ से अधिकारों के प्रति जागरूक होकर बड़ी कंपनी को अपने हक का अहसास करवाने की बात,
इन्होंने 16 अक्टूबर 2018 को फ्लिपकार्ट एप्प से 12999 रु में Asus zenfone max pro M1 मोबाइल खरीदा 

जिसके साथ कंपनी द्वारा 99 रु में कम्पलीट मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान (आम भाषा मे कहे तो बीमा ) खरीदा जिसके तहत मोबाइल के साथ सभी प्रकार की दुर्घटना पर क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी करती है, दुर्घटनावश 27 अगस्त 2019 को बारिश से इनका मोबाइल भीगकर बन्द हो गया इन्होंने जोधपुर सर्विस सेंटर पर ठीक करवाने की कोशिश की

लेकिन निशुल्क ठीक करने से मना कर दिया तत्पश्चात इन्होंने अपने मित्र सचिन कटानिया (जागरूक उपभोक्ता) व राकेश भाटी (महालक्ष्मी मोबाइल आनन्दपुर कालू) के साथ अपनी समस्या पर चर्चा की व 9 सितम्बर को बीमा कंपनी में समस्या पंजीकृत करवाई ,कंपनी ने इनसे जरूरी कागजात व फ़ोन की फ़ोटो जीमेल मंगवाई व 12 सितम्बर तक E com express द्वारा मोबाइल पिकअप करवाने का आश्वासन दिया लेकिन 20 सितम्बर तक फ़ोन लेने कोई नही आया तो इन्होंने अपनी समझ से राष्ट्रीय उपभोक्ता मंच के एप्प NCH(राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन) व 1800114000 टोलफ्री नंबर पर कंपनी के खिलाफ परिवाद दायर किया

फिर भी बीमा कंपनी ने कोई कार्यवाही शुरू नही की ,मनोहर ने अपनी लड़ाई जारी रखी और इसी क्रम में फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया फ्लिपकार्ट ने अपनी तरफ से 24 घण्टे के भीतर फ़ोन की एक्सचेंज वैल्यू 3099 रु मनोहर भड़ियासर  के खाते में जमा कर दिए ,इससे भी मनोहर भड़ियासर ने अपनी जिद को पूर्णविराम नही किया और पुनः बीमा कंपनी (Jeeves) पर NCH एप्प में दावा किया

जिससे कंपनी को अपनी गलती का अहसास हुआ और 11 नवंबर को अधिकारी ने स्वयं इन्हें फ़ोन कर मोबाइल को 24 घण्टे में पिकअप करके 10 दिन के भीतर ठीक करवाकर भेजने का आश्वासन दिया , तदुपरान्त मोबाइल को 13468 रु की निःशुल्क  सर्विस करके ठीक किया । इनकी जागरूकता से इन्हें 3099 रु व मोबाइल सर्विस 13468 रु  यानि कुल 16567 रुपये की आर्थिक सहायता मिली ।
मनोहर भड़ियासर की जागरूकता की यह कहानी हमे भी जागरूक करती है अपने अधिकारों के प्रति क्योंकि चाहे कितनी भी बड़ी कंपनी हो आपके अधिकार को वो आपसे छिन नही सकती।