फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच डॉक्टरी टीम से करवाने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा

राजस्थान प्रदेश विकलांग संघ बांसवाड़ा के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार उपाध्याय के नेतृत्व मे बलवंत सिंह, भरत यादव, दिव्यांगजनो ने जिला कलेक्टर बांसवाड़ा को  शिक्षक भर्ती 2021 में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जाँच डॉक्टरी टीम से करवाने हेतु ज्ञापन सौपा I

फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच डॉक्टरी टीम से करवाने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा

बांसवाड़ाI राजस्थान प्रदेश विकलांग संघ बांसवाड़ा के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार उपाध्याय के नेतृत्व मे बलवंत सिंह, भरत यादव, दिव्यांगजनो ने जिला कलेक्टर बांसवाड़ा को  शिक्षक भर्ती 2021 में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जाँच डॉक्टरी टीम से करवाने हेतु ज्ञापन सौपा I
ज्ञापन मे बताया गया है कि वर्तमान में कई फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा रखे है दिव्यांगो की 21 श्रेणी होने के कारण विशेषज्ञों के अलावा सामान्य अधिकारी द्वारा फर्जी या सही प्रमाण पत्र की सत्यता की जाँच नहीं हो पाती है
अतः REET 2021 के दस्तावेज सत्यापन 11-03-2022 से 25-03-2022 तक होने वाला है उसमे डॉक्टर और विशेषज्ञों की टीम से दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच करवाई जाय जिस प्रकार हाईकोर्ट द्रारा एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल को निर्देशित किया कि एक मेडिकल बोर्ड जिसमें कम से कम दो आर्थोपेडिक विशेषज्ञ इन सभी याचिकाकर्ताओं की जांच करेंगे। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के की जांच करेंगे। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के अनुसार उनके मेडिकल प्रमाण पत्र गलत जारी किया है यह साबित हो जाए तो जारी करने वाले सक्षम अधिकारी के खिलाफ भी कारवाई की जाएगी उसी प्रकार आवश्यक कार्यवाही की जाए।
दिव्यांग अधिनियम 2016  के अध्याय 16 में अपराध और शक्तियों 91 बिंदु के द्रारा दिव्यांगजन के लिए आशियत किसी फायदे को लेता है या लेने का प्रयत्न करता है, वह कारावास से, जिसकी अविध दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुमाने से, जो एक लाख रूपये तक का हो सकेगा या दोनो से दंडनीय होगा। ये पावधान है:-
⇔ अन्य सुझाव :
1. अन्य भर्तियों में दिव्यांग प्रमाण पत्रों की सख्त जाँच विशेषज्ञों की टीम से करवाई जाए
2. क्षैतिज आरक्षण दिव्यांग की दो श्रेणी में मेरिट बनाई जाए। खाली रहे पदों को तत्काल उसी श्रेणी से भरा जाए।
3. शॉर्टलिस्ट के बाद डॉक्टर और विशेषज्ञों से पुनः सत्यापित करवाए (विशेषकर नए बने प्रमाण पत्र) 
4. दिव्यांग की चौथी श्रेणी विशेष से आए अभ्यर्थी को आरक्षण देना व्यावहारिक नहीं है
इसलिए आरक्षण में 2 श्रेणी में मेरिट लिस्ट निकाले। 
5. फ़ाइनल कट ऑफ़ के बाद भी मेडिकल टीम से जाँच हो
6. एक या दो केटेगरी में मेरिट बने और पद खाली रहने पर तत्काल अन्य दिव्याग श्रेणी से ही भरे जाए।