क्रूड आयल 115 डॉलर के पार, देश में भी बढ़ाएं जांएगे पेट्रोल-डीजल के दाम 

यूक्रेन पर रूस के आक्रामण के तुरंत बाद दुनियाभर के शेयर बाजार धराशाई हो गए, सोने की कीमतें बढ़ गई और क्रूड ऑयल रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। रूस ऑयल और नेचुरल गैस का बड़ा उत्पादक है। BP स्टैटिकल रिव्यू के अनुसार 2020 में रूस क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस कंडेनसेट के उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर था। इस दौरान रूस ने प्रति दिन 10.1 मिलियन बैरल का उत्पादन किया।

क्रूड आयल 115 डॉलर के पार, देश में भी बढ़ाएं जांएगे पेट्रोल-डीजल के दाम 

बिजनेस डेस्क। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से ग्‍लोबल मार्केट में क्रूड आयल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। गुरुवार को क्रूड आयल 115 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। ऐसे में आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत में भी भारी बढ़त देखि जा सकती है। पिछले 120 दिनों से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि कच्चे तेल की कीमत करीब 70% बढ़ चुकी है।
IIFL सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है। वहीं तेल कंपनियों ने 3 नवंबर से पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन तब से लेकर अब तक कच्चा तेल 40 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा महंगा हो चुका है। इसलिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 20-25 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट और को-ग्रुप हेड प्रशांत वशिष्ठ के अनुसार कच्चा तेल 1 डॉलर प्रति बैरल महंगा होने पर देश में पेट्रोल-डीजल के दाम औसतन 55-60 पैसे प्रति लीटर बढ़ जाते हैं।
♦ तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान : 
कच्चे तेल के दाम चढ़ने से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पेट्रोल-डीजल पर 5-6 रुपए प्रति लीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। क्रूड के दाम लगातार बढ़ने से कंपनियों का घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। एक्सपर्ट क्रूड ऑयल के 150 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं।
♦ रूस-यूक्रेन वॉर ने बढ़ाई कीमत : 
24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर रूस के आक्रामण के तुरंत बाद दुनियाभर के शेयर बाजार धराशाई हो गए, सोने की कीमतें बढ़ गई और क्रूड ऑयल रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। रूस ऑयल और नेचुरल गैस का बड़ा उत्पादक है। BP स्टैटिकल रिव्यू के अनुसार 2020 में रूस क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस कंडेनसेट के उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर था। इस दौरान रूस ने प्रति दिन 10.1 मिलियन बैरल का उत्पादन किया। रूस इसमें से आधे तेल का इस्तेमाल अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिए करता है और प्रति दिन 50 लाख से 60 लाख बैरल एक्सपोर्ट करता है। यूक्रेन पर आक्रामण की वजह से रूस पर कई पाबंदियां लगाई है। इससे क्रूड सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इन्हीं आशंकाओं के चलते क्रूड हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है।