ट्रेकिंग के लिए गया युवक फिसलने के बाद दो दिन तक पहाड़ी के बीच फंसा रहा, रेस्क्यू कर एयरफोर्स ने मौत के मुहं से निकाली जिन्दगी

मद्रास रेजिमेंटल टीम के दो सदस्य पहाड़ी पर चढ़कर 250 फीट की ऊंचाई से नीचे उतर कर बाबू के पास पहुंचे। इसके बाद टीम ने बाबू को पहाड़ी से नीचे उतारने के बजाय ऊपर चढ़ाने का फैसला किया। खड़ी पहाड़ी होने के कारण और कोई सहारे के लिए पेड़ नहीं होने के कारण रेस्क्यू टीम को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा।

ट्रेकिंग के लिए गया युवक फिसलने के बाद दो दिन तक पहाड़ी के बीच फंसा रहा, रेस्क्यू कर एयरफोर्स ने मौत के मुहं से निकाली जिन्दगी

नई दिल्ली। केरल में पलक्कड़ के मलमपुझा इलाके में अपने दोस्तों के साथ एक 20 साल का युवक ट्रेकिंग करने गया, लेकिन फिसलने के कारण युवक चट्टानों के बीच में फंस गया। बाद में युवक को एयरफोर्स ने रेस्क्यू कर वहां  से निकाला। राज्य के CM पिनरई विजयन ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा- मालमपुझा में चेराड पहाड़ी में फंसे युवक को एयरफोर्स ने बचा लिया है। अभी वो काफी डरा हुआ है। फिलहाल उसे डॉक्टरों की देखरेख में भेजा गया है। विजयन ने वायुसेना को युवक की जान बचाने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

इस तरह रेस्क्यू कर बचाया युवक को :

मद्रास रेजिमेंटल टीम के दो सदस्य पहाड़ी पर चढ़कर 250 फीट की ऊंचाई से नीचे उतर कर बाबू के पास पहुंचे। इसके बाद टीम ने बाबू को पहाड़ी से नीचे उतारने के बजाय ऊपर चढ़ाने का फैसला किया। टीम के लेफ्टिनेंट जनरल ए अरुण ने बताया कि पहाड़ी खड़ी थी और सहारे के लिए कोई पेड़ भी नहीं था। इसके चलते रेस्क्यू में हमें काफी परेशानी हुई, लेकिन हम कामयाब हुए।

ट्रैकिंग के दौरान फिसला था पैर :
20 साल का बाबू सोमवार को मालमपुझा में चेराड पहाड़ी पर फंस गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबू ने सोमवार को दो दोस्तों के साथ चेराड पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने का फैसला किया था। दोस्तों ने उसे बीच में ही छोड़ दिया। बाबू लगातार चोटी पर चढ़ता रहा और अचानक पैर फिसलने से चट्टानों के बीच फंस गया। जानकारी मिलने पर बचाव दल सक्रिय हुआ, लेकिन ऊंचाई के चलते रेस्क्यू टीम उस तक पहुंचने या उसे खाना मुहैया कराने में नाकाम रही।